सुख-दु:ख के बारे में - श्रीमद भगवत गीता
सुख-दु:ख अस्थायी और अनित्य है। इसलिए तुम उसको सहन करना सीखो। दोस्तों ऊपर लिखा हुआ वाक्य भागवत गीता …
सुख-दु:ख अस्थायी और अनित्य है। इसलिए तुम उसको सहन करना सीखो। दोस्तों ऊपर लिखा हुआ वाक्य भागवत गीता …
आत्मा को कोई भी शस्त्र नहीं काट सकती, इसे आग नहीं जला सकती, इसे जल भिगो नही सकता और ना ही वायु सुखा…
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